ब्रह्मपुत्र नदी की आत्मकथा (Brahmaputra nadi ki atmakatha)

 

महान प्रतिभाशाली असोमिआ कलाकार भूपेन हज़ारिका जी के वो गाना ही ब्रह्मपुत्र नदी की आत्मकथा  (Brahmaputra nadi ki atmakatha) प्रकाशित करने के लिए काफी है, जब उन्होंने गाया था “Moha bahu Brahmaputra, moha milonor tirtha, koto jug dhori ahise prokakhi, moha milonor ortho”

इस कालजयी गीत में उन्होंने इस बिशाल नदी की काफी प्रसंशा और इसी नदी के पार पर विकशित असामिआ सभ्यता की बात की है। 

इस गाने में आपको ब्रह्मपुत्र नदी और उसके ऊपर निर्मित असोमिआ समाज-सभय्ता का पूरा चित्र देखने मिलेगा। उस गाने का लिंक में दे रहा हु अगर आप सुनना चाहे तो सुन सकते है। [Link]

Brahmaputra nadi ki atmakatha

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दोस्तों अब चलिए जानते है ब्रह्मपुत्र नदी की कहानी के बारे में।

ऐतिहासिक पुराणों के मुताबित ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra nadi) भगवान ब्रह्मा की संतान है।

जैसा की इसके नाम में ही लिखा है “ब्रह्म” और “पुत्र”; कहा जाता है की एक समय पृथ्वी पर अकाल पर गया था।

जीब-जन्तु ,मानब सभी के पास न खाने को खाना था और ना ही पिने को पानी। पृथ्वी पर ऐसा आकाल देखकर भगवान ब्रह्मा ने एक पुत्र का जनम दिआ और उसको पृथ्वी पर भेजा, लोगो के दुःख-दर्द और आकाल को दूर करने के लिए।

और उस पुत्र ने एक नदी का रूप धारण करके पुरे जीब जगत को उनके कस्तो से मुक्त किआ। क्या आप जानते है की ब्रह्मदेव के उसी पुत्र को आज हम ब्रह्मपुत्र के नाम से जानते है?

ब्रह्मपुत्र नदी आज असम राज्य के लोगो के लिए जीबन का लकीर स्वरुप है।

इस राज्य के सबसे बड़े सभ्यता इसी नदी के पार पर विकशित हुई थी जिसके कारण आज इसको ब्रह्मपुत्र सभ्यता भी बोला जाता है।

अगर हम ब्रह्मपुत्र नदी की भौगोलिक अवस्था की बात करे तो ये नदी मानससरोबर झील  से जन्मे है जिसका

स्रोत तिब्बत के हिमालयान इलाके में आती है।

एशिया की तीन देशो (चीन ,भारत ,बंगलादेश ) से होकर गुजरने वाली ये नदी आखिर में गंगा नदी के साथ मिल जाती है।

इस नदी की लम्बाई 2,628 किलोमीटर है जो एशिया की सबसे लम्बी नदिओं का अन्यतम मानी जाती है।

ब्रह्मपुत्र नदी का दूसरा नाम क्या है (Brahmaputra nadi ka dusra naam kya hai)

ब्रह्मपुत्र नदी की अनेको नाम है। तीन देशो से गुजरने के कारण अलग अलग जगहों पर इसको अलग अलग नामो से पुकारा जाता है।

अगर हम असम तथा भारत की बात करे तो इसको इस जगह पर ब्रह्मपुत्र नाम से जाना जाता है ,लकिन भारत के ही अन्य एक राज्य अरुणांचल प्रदेश में इसको चिआंग नाम से जाना जाता है और चीन में इसको त्संगपो ( Yarlung tsangpo river) नाम से पुकारा जाता है।

 

ब्रह्मपुत्र नदी की कुछ अन्य जानकारी

1. असम राज्य की नदिओं के बिच दो ही नदी को मुख्य मानी जाती है। इनमे से एक है ब्रह्मपुत्र और दूसरा है बराक। दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता देना चाहता हु की असम राज्य की मूल सभ्यता यानि असामिआ सभ्यता इन्ही दो नदीऔ के पार पर विकशित हुई है।

2. ये प्रश्न बहुत सारे लोग हमसे पूछते है की ब्रह्मपुत्र नदी कहां से निकलती है? दोस्तों आपको बता देता हु की ये नदी चीन के दक्षिणी हिस्से के मानसरोवर झील के पास के चेमायुंग दुंग हिमस्थल से निकलती है।

3. क्या आप जानते है की इसकी चौड़ाई कितनी है ? लगभग 10 किलोमीटर और लम्बाई है 2900 किलोमीटर।

4. जब पहली बार चओलुंग सुकाफा चीन के मांग माओ से आकर असम भूमि पर उपस्थित हुए थे तब उन्होंने देवताओ की पूजा के एक त्यौहार का आयोजन किआ था जो इसी नदी के पर किआ गया था ? क्या आप जानते है की वो त्यौहार क्या था ?

बिलकुल ‘में-डाम-में-फि’.

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