ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदिया (Brahmaputra Nadi ki Sahayak Nadiya)

 

ब्रह्मपुत्र नदी असम तथा भारतबर्ष की सबसे लम्बी नदिओं में से एक है जिसकी लम्बाई है कुल 2900 किलोमीटर। तीन देशो (भारत, बंगलादेश और चीन) से होकर गुजरने वाली ये नदी चीन के तिब्बती इलाके में स्थित मानससरोबर ह्रद के चेमायुंग दुंग नामक हिमवाह से जन्मा है।

ब्रह्मपुत्र के बहुत सारे सहायक नदिया भी है, जिनमे से आज के तारीख में 6 मूल नदिओं को प्रमुख माना जाता है। आज इस लेख में हम उन 6 नदिओं को ही जानेंगे। तो चलिए सबसे पहले लोहित से ही हमारा ये लेख आरम्भ करते है।

1.लोहित नदी : – ब्रह्मपुत्र नदी की बात करने से सबसे पहले हमें जिस नदी का नाम मनमे याद आता है उसी का नाम है लोहित। लोहित दो देशो से होकर गुजरने वाली एक सहायक नदी है। जो चीन से जन्मे है और भारत से होकर गुजरती है। तिब्बत के Kangri Garpo इलाके में इसका जनम हुआ है, उस जगह पर लोहित को Zayü River के नाम से जाना जाता है।

2. कलंग नदी : – 250 किलोमीटर की लम्बाई रखने वाली ये नदी नागाओं जिल्ला के हतिमुरा इलाके से निकलती है तथा गुवाहाटी के कोलोंगपार इलाके में ब्रह्मपुत्र नदी के साथ मिल जाती है। ब्रह्मपुत्र के साथ मिलने तक कलंग तीन जिल्लो को पार करती है जैसे की नागाओं ,कामरूप और मोरीगांव।

3. मानस नदी : – भारतीय ऐतिहासिक पुराणों के अनुसार मानस नदी भगवान शिव की पुत्री मनसा देवी के नाम पर रखा गया है जो की सर्पो की देवी थी। ये ब्रह्मपुत्र के उल्लेखनीय नदिओं में से एक है। जो तिब्बत के दक्षिणी इलाके से निकलती है और भूटान से होकर असम में ब्रह्मपुत्र के साथ मिल जाती है। क्या आप जानते है की असम में जो सबसे बड़ा राष्ट्रीय उड्डयन स्थित है वो इसी नदी के नाम पर रखा गया है, जिसको जाना जाता है मानस राष्ट्रीय उड्डयन के नाम से।

4. तीस्ता नदी : – इस नदी की लम्बाई है 309 किलोमीटर जो भारत के दो मूल राज्यों से होकर गुजरती है , जो की है पश्चिम बंगाल और सिक्किम।

5. दिबांग नदी : – दिबांग का उत्पत्ति स्थल है भारत-चीन के ऊपरी दिबांग घाटी जिल्ला। असम के सादिया इलाके में दिबांग नदी ब्रह्मपुत्र के मिल जाती है। इसकी लम्बाई है कुल 195 किलोमीटर

6. कामेंग या जिआ भोराली नदी : – ये नदी तवांग ज़िले के एक ग्लेसिअर से बने हृद से जन्मी है, जिसको असम राज्य में जिअा भोराली और अरुणांचल प्रदेश में कामेंग नाम से जाना जाता है। कामेंग असम राज्य के कलिआ भुमुरा सेतु के दक्षिण में ब्रह्मपुत्र नदी के साथ मिल जाती है।

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