कारेंग घर (Kareng Ghar In Hindi)

 

इतिहास हमेशा ही यूद्ध और रक्त लिखा हो ये जरूरी नहीं होता। कभी कभी कुछ इतिहास इतना सुन्दर होता है की बाद में ये इससे जुड़े हुए लोगो के मन में हमेशा ही आनंद प्रदान करता है। दोस्तों आज हम ऐसे ही एक सुन्दर इतिहास की बात करेंगे जो की असम राज्य में आहोम साम्राज्य के समय रची गयी थी।

ये इतिहास कुछ ओर नहीं बल्कि कारेंग घर ही है। इस लेख में हम कारेंग घर से सम्बंधित कुछ अति महत्वपूर्ण बातो को जानेंगे जो की जानना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। तो चलिए बिना देर किए कारेंग घर किआ है जानना सुरु करते है।

कारेंग घर किआ है? (What Is Kareng Ghar?)

कारेंग घर असम राज्य में स्थित एक ऐतिहासिक चिह्न है। जिसको आज से 250 साल पहले बनाया गया था। अचल में ये एक राजप्रासाद था, जिनमे असम राज्य पर 600 सालो तक शाशन करने वाले आहोम राजाए रहते थे।

कारेंग घर (Kareng Ghar In Hindi)

कारेंग घर का निर्माण किसके दुवारा और किस बर्ष को हुआ था ? (By Whom and In Which Year Kareng Ghar Was Constructed?)

अगर अापने असम इतिहास पढ़ा है तो आपको सायद मालूम होगा की सबसे पहले कारेंग घर का निर्माण अाहोम राजा Swargadeo Rudra Singha दुवारा किआ गया था। ये बात थी सं 1698 की। लकिन Swargadeo Rudra Singha का ये निर्माण उच्च दर्जे की नहीं थी।

जिसके कारण सं 1747 में Swargadeo Rudra Singha पुत्र तथा नया आहोम राजा Pramatta Singha ने इसको फिर से बनवाया। Pramatta Singha का ये निर्माण उनके पिता के निर्माण से काफी उच्च दर्जे का था लकिन किसी विशेष कारण इसको भी बाद में बिध्वस्त होना पड़ा।

सं 1751 में Pramatta Singha के मृत्यु हो जाने के कारण उनके भाई Rajeswar Singha इस बार राज गद्दी पर बैठे। Rajeswar Singha ने 1951 में शाशन सँभालने के एक साल बाद ही 1952 में कारेंग घर को फिर से बनवाया। उनका का ये संरचना सात मंजिला था।

हलाकि आज कारेंग घर के चार मंजिला ही लोगो को देखने मिलता है। बाकि तीन मंजिल जमीन के निचे समा गयी है। दो बार निर्मित होने के बाद आखिरकार तीसरे बार में कारेंग ने पूर्णता पा ही लिया।

लकिन आपको जानना जरूरी है की कारेंग घरको कई बार बनाने के कारण इसका जो गठन है वो चारो दिशाओ से कुछ कुछ असमान सा है। ये बात ऊपर ऊपर देखने से आपको पता नहीं चलेगी, लकिन अगर आप ध्यान से देखोगे तो आपको ये असम्पूर्णता नजर आएगी।

 

कहाँ स्थित है ? (Where It is Located?)

कारेंग घर को देखने के लिए अगर आप उच्छुक हो तो मई आपको बता देता हूँ की ये घर असम राज्य के ऐतिहासिक शिवसागर ज़िले में आता है। शिवसागर के मूल नगरी से 15 किलोमीटर दूर Gorgaon नामक जगह पर ये ऐतिहासिक चिह्न आपको देखने को मिलेंगे। Gorgaon अाहोम साम्राज्य का तीसरा राजधानी था, जिसको Gargoyaan Rojaa चुकलेंगमुंग (Suklenmung) ने प्रतिष्ठा किआ था।

 

निष्कर्ष (Conclusion)

कारेंग घर के संपर्क लिखी गयी ये लेख आपको कैसी लगी और अगर आपके मन इस लेख को लेकर कोई प्रश्न रह गयी हो तो हमें निचे टिप्पणी करके जरूर बताना।

धन्यवाद।

 

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