असम में कौन सी भाषा बोली जाती है ? (Assam Mein Kaun Si Bhasha Boli Jati Hai?)

 

इस प्रश्न का सीधा सीधा उत्तर है असोमिआ भाषा

दराचल असम राज्य का मूल भाषा असोमिआ ही है, जो कथित भाषा होने के साथ साथ यहाँ का सरकारी लिखित भाषा भी है।

आप सायद जानते होंगे की असम के असामिआ भाषा भारतीय संबिधान दुवारा स्वीकृत 22 भाषाओ का एक अन्यतम है, जिसको 1960 के 24 October को संबिधानिक भाषा का मर्यादा प्रदान किआ गया था।

क्या आपमें जानने की इच्छा है की असोमिआ भाषा बंगाली, बिहारी, गुजराती, हिंदी और भोजपुरी भाषा के साथ क्यों इतना ज्यादा मिलता जुलता है ?

अगर आप सच्च में जानने की इच्छा रखते हो तो ये बहुत ही अच्छी बात है।

क्योकि हम भी यहां आगे वही बात बिचार करने जा रहे है। तो चलिए से आरम्भ करते है…………

असम में कौन सी भाषा बोली जाती है (Assam Mein Kaun Si Bhasha Boli Jati Hai)

असोमिआ भाषा क्यों बंगाली, बिहारी, गुजराती, हिंदी और भोजपुरी इत्यादि भाषाओ से मिलता जुलता है ?

दोस्तों दराचल भारत में बहुत पहले की समय से आज तक दो ही प्रधान भाषिक समुदायो का शासन चलता आ रहा है। एक समुदाय है Indo-Aryan और दूसरा है Dravidian

है ना मजे की बात !

अब जानते है की Indo-Aryan समुदाय की भाषा कौन कौन सी है……। भाषा पंडितो के मुताबित असोमिआ, बंगाली, बिहारी, गुजराती, हिंदी और भोजपुरी इत्यादि भाषा Indo-Aryan समुदाय से जुड़ा हुआ है।

और वही दूसरी ओर दक्षिण भारत में बोली जाने वाली भाषाए जैसे की तमिल ,तेलगु ,मलयालम इत्यादि Dravidian समुदाय से जन्मे हुए है।

ये बात दराचल एसी है जैसे की अलग अलग माता -पिताओ का संतान अलग अलग होता है लकिन उनके अपनों के बिच बहुत सारे एक जैसे गुण मौजूद रहते है। (जैसे की देखने में एक जैसा, शरीर के रंग एक जैसा, शरीर की उच्चता एक जैसा इत्यादि इत्यादि)

अगर आपकी भाषा Indo-Aryan समुदाय जन्मे हुए है तो आपको असोमिआ, बंगाली, बिहारी, गुजराती, हिंदी, भोजपुरी इत्यादि भाषाए समझने में ज्यादा कठिनाई नहीं होंगी, लकिन साथ में मई निश्चित भी हु की आप बिना सीखे तमिल, तेलगु, मलयालम इत्यादि नहीं समझ सकते।

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इसी तरह तमिल बोलने वाली व्यक्तिओ को भी तेलगु और मलयालम समझने में ज्यादा दिक्कत नहीं होंगी लकिन वे आसानी से बिना सीखे असोमिआ या हिंदी नहीं बोल पाएंगे।

अगर हम Indo-Aryan समुदाय के भाषाओ की बात करे तो साधारण भाषा में ये कहाँ जा सकता है की ये भाषाए एक दूसरे के भाई -बहन है और उसी तरह Dravidian समुदाय से जन्मे हुए भाषाए भी एक दूसरे की भाई -बहन मानी जा सकती है।

जन्म होने का श्रोत एक होने के कारण असम का असोमिआ भाषा बंगाली, बिहारी, गुजराती, हिंदी और भोजपुरी इत्यादि भाषाओ से काफी मिलता जुलता है , और इस बात को लेकर पंडितो में भी ज्यादा मतभेद नहीं देखि गयी है।

 

निष्कर्ष (Conclusion)

आशा करता हु की आपको हमारा ये लेख पचंद आया होगा।

अगर आपको लगता है ,की यहाँ कुछ छूट गयी है तो निचे हमें जरूर टिप्पणी कीजिएगा।

अगर आपको लगता है की आपके दोस्तों को भी इस लेख की जरूरत है तो शेयर जरूर कीजिएगा।

धन्यवाद।

 

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